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सौमित्र चटर्जी (Soumitra Chatterjee) का जीवन परिचय

सौमित्र चटर्जी का जन्म 19 जनवरी 1935 में बंगाल में हुआ। एक प्रसिद्ध बांग्ला अभिनेता हैं। सौमित्र चटर्जी का वास्तविक नाम उत्तम कुमार है।

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सौमित्र चटर्जी ( जन्मः19 जनवरी 1935 – मृत्युः 15 नवंबर 2020)

सौमित्र चटर्जी ( जन्मः19 जनवरी 1935 – मृत्युः 15 नवंबर 2020) सौमित्र चटर्जी का जन्म 19 जनवरी 1935 में बंगाल में हुआ था। एक प्रसिद्ध बांग्ला अभिनेता थे। सौमित्र चटर्जी का वास्तविक नाम उत्तम कुमार था। वैसे तो सौमित्र चटर्जी ने बांग्ला सहित कई भाषाओं की फिल्मों में अपने किरदारों से अपने प्रशंसकों को एंटरटेन किया है, लेकिन सत्यजीत राय के साथ उन्होंने 14 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया। सौमित्र चटर्जी ने 1959 में सत्यजीत रे की फ़िल्म ‘अपूर संसार’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने सत्यजीत रे की फ़िल्म ‘देवी’ ‘चारुलता’ और ‘घरे बाइरे’ में भी अभिनय किया। गौरतलब है कि फ़िल्मकार सत्यजित रे और अभिनेता सौमित्र चटर्जी की जोड़ी की तुलना हॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता-निर्देशक जो़डी अकीरा कुरोसोवा-तोशिरो मिफ्यून और मार्केलो मास्ट्रोइयान्नी-फेडेरिको फेलिनो से की जानी लगी।

सौमित्र चटर्जी सेक्सपियर के नाटकों से काफी प्रभावित थे। वे सेक्सपियर की कहानियों के किरदारों को परदे पर जीना चाहते थे। सौमित्र के लिए उम्र केवल एक नंबर की तरह ही था। सौमित्र ने एक इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया था कि वे सेक्सपियर के हेमलेट पात्र को परदे पर निभाना चाहते हैं। बकौल सौमित्र- कुछ समय बाद मुझे कुछ दिलचस्प भूमिकाओं के याद आने का अफसोस है। मैं अभी भी शेक्सपियर की कहानियों, विशेषकर हेमलेट के पात्रों को चित्रित करने के लिए उत्सुक हूं। लेकिन स्पष्ट रूप से कहूं तो अब मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ कर लिया है। इसलिए, मैंने किंग लीयर की भूमिका निभाई है। इसके अलावा, मुझे कौशिक गांगुली के साथ काम करना बाकी है, शायद उन्होंने अभी तक कुछ ऐसा नहीं बनाया है, जहां मुझे एक अभिनेता के रूप में फिट किया जा सके।

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बता दें, सौमित्र चटर्जी ने सत्यजित रे के अलावा मृणाल सेन, तपन सिन्हा और तरुण मजुमदार सहित कई अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निर्देशकों के साथ भी काम किया। पद्म भूषण से सम्मानित अभिनेता सौमित्र चटर्जी अपर्णा सेन, गौतम घोष और ऋतुपर्णो घोष जैसे प्रसिद्ध निर्देशकों के साथ भी काम कर चुके हैं। सौमित्र चटर्जी रंगमंच से भी जु़ड़े रहे हैं। सौमित्र चटर्जी को कला के क्षेत्र का फ्रांस का सर्वोच्च पुरस्कार “द ऑफिसर डेस आर्ट्स एट मेटियर्स” तथा इटली से लाइफ टाइम अचीवमेंट पुस्कार भी मिला है।

गौरतलब है कि सन 2001 में राष्ट्रीय पुरस्कार को ठुकराने वाले प्रख्यात बांग्ला अभिनेता सौमित्र चटर्जी को सन 2011 में भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस बार सौमित्र को अभिनेता प्राण, मनोज कुमार और अभिनेत्री वैजयंती माला पर वरीयता देते हुए दादा साहब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया। ये प्रथम बांग्ला व्यक्ति हैं जिन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया गया।

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नामांकन और पुरस्कार

उल्लेखनीय है कि 85 वर्षीय चटर्जी को वर्ष 2011में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। अपने करियर में 100 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले चटर्जी को भारत सरकार ने 2004 में पद्म भूषण से सम्मानित किया था। ये पश्चिम बंगाल राज्य से हैं।

फिल्मफेयर अवार्ड Filmfare Awards South 1995 Lifetime Achievement Award
राष्ट्रीय पुरस्कार (National Awards)
2011- दादा साहेब फाल्के पुरस्कार Dadasaheb Phalke Award
2006- Best Actor Podokkhep
2000 – Special Jury Award Dekha
1991 – Special Jury Award Antardhan
1974 – Best Feature Film in Bengali Sonar Kella
1973 – Best Feature Film in Bengali Ashani Sanket

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सौमित्र चटर्जी की प्रमुख फिल्में-

SHLILATAHANIR PORE (2020)
KUSUMITAR GOPPO (2019)
BASU PARIBAR (2019)
SHANKAR MUDI (2019)
KHUJE BERAI TAARE (2018)
PRAYAS (2018)
SAMANTARAL (2017)
CHOL KUNTAL (2017)
MAYURAKSHI (2017)
PUNASCHA (1961)
AKASH KUSUM (1965)
BALLYGUNGE COURT (2007)
KRISHNAKANTER WILL (2007)
PODOKKHEP (2006)
FALTU (2006)
PAROMITAR EK DIN (2000)
ASUKH (1999)
ATMIYO SWAJAN (1998)
SANGHAT (1996)
KRANTIKAAL (2005)
ABAR ARANYE (2003)
DEKHA (2000)
BANDH
APUR SANSAR (1959)
72 GHANTA
CHARULATA (1964)
KSHUDHITA PASHAN (1960)
DEVI (1960)
जय बाबा फेलुनाथ (1978 )
देवी (1960 )
ABHIJAAN (1962)

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