Gandhi Jayanti 2020: गांधी जयंती पर पढ़ें उनके बेहतरीन नारे, कोट्स; निबंध और भाषण की तैयारी ऐसे करें | ख़बर खर्ची

Gandhi Jayanti 2020: गांधी जयंती पर पढ़ें उनके बेहतरीन नारे, कोट्स; निबंध और भाषण की तैयारी ऐसे करें

Mahatma Gandhi Jayanti 2020 Slogan, Image, Quotes, Essay & Speech In Hindi: महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 में पोरबंदर (गुजरात), भारत में हुआ, जिसे हर साल गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। पूरी दुनिया को सत्य और अहिंसा का रास्ता दिखाने वाले महात्मा गांधी ने देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्ति दिलाने में जी-जान लगा दिया। उन्होंने लोगों के बीच देशभक्ति की अलख जगाने के साथ ही, नस्लीय व जातिगत भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों पर भी हमला किया। वे हमेशा कहते थे कि किसी भी तरह के विरोध का मार्ग हिंसात्मक नहीं हो सकता है। अहिंसा में जो शक्ति है, उसकी जगह हिंसा कभी नहीं ले सकती है। इन्हीं विचारों के बूते दुनियाभर में उनकी ख्याति फैली।

लॉ की पढ़ाई करने के बाद महात्मा गांधी जी ने भारतियों के अधिकारों की वकालत की और भारत की आजादी के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। 10 मई 1857 में भारत की आजादी की मांग के साथ ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत हुई। महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत की आजादी का बड़ा संग्राम शुरू हुआ और 200 साल की लड़ाई के बाद 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से भारत आजाद हो गया। भारत की आजादी में अतुलनीय योगदान के लिए मोहनदास करमचंद गांधी को राष्ट्रपित का दर्जा दिया गया। महात्मा गांधी जी ने लोगों को “रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम” भजन के साथ अहिंसा का मार्ग दिखाया। भारत की आजादी के दौरना महात्मा गांधी के नारे, अनमोल विचार, कोट्स, भाषण और निबंध खूब प्रसिद्द हुए। महात्मा गांधी की जीवनी पर कई फ़िल्में, नाटक और डॉक्यूमेंट्री बनीं। गांधी जयंती पर स्कूल-कॉलेज में महात्मा गांधी के नारे (Mahatma Gandhi Slogan), महात्मा गांधी के कोट्स (Mahatma Gandhi Quotes), महात्मा गांधी का भाषण (Mahatma Gandhi Speech) और महात्मा गांधी पर निबंध (Mahatma Gandhi Essay) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। ऐसे में अगर आप भी 2 अक्टूबर (2 October) गांधी जयंती पर भाषण, गांधी जयंती पर नारे, गांधी जयंती पर कोट्स और गांधी जयंती पर निबंध लिखने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके बहुत महत्वपूर्ण है। आइये जानते हैं गांधी जयंती पर महात्मा गांधी के नारे, कोट्स, निबंध और भाषण…

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गांधी जयंती के मौके पर पढ़ें उनके अनमोल विचार। साथ ही इन संदेशों को शेयर कर लोगों को दें इस दिन की शुभकामना… (Mahatma Gandhi Jayanti 2020 Slogan, Quotes, Essay & Speech)

  1. मेरा धर्म सत्य और
    अहिंसा पर आधारित है।
    सत्य मेरा भगवान है,
    अहिंसा उसे पाने का साधन।
  2. खुद वो बदलाव बनिए,
    जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।
  3. व्यक्ति अपने विचारों से
    निर्मित एक प्राणी है,
    वह जो सोचता है
    वही बन जाता है।
  4. अपने प्रयोजन में
    दृढ विश्वास रखने वाला
    एक सूक्ष्म शरीर
    इतिहास के रुख को बदल सकता है।
  5. अपनी गलती को स्वीकारना
    झाडू लगाने के समान है,
    जो धरातल की सतह को
    चमकदार और साफ कर देती है।
  6. गुलाब को उपदेश देने की
    आवश्यकता नहीं होती है।
    वह तो केवल अपनी खुशी बिखेरता है।
    उसकी खुशबू ही उसका संदेश है।

गांधी जयंती के मौके पर निबंध और भाषण के कुछ सैंपल (Gandhi Jayanti 2020 Speech Essay Nibandh Bhashan)

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Speech 1: हमारा देश महान स्त्रियों और पुरुषों का देश है, जिन्होंने देश के लिए ऐसे आदर्श कार्य किए हैं जिन्हें भारतवासी सदा याद रखेंगे। कई महापुरुषों ने हमारी आजादी की लड़ाई में अपना तन-मन-धन परिवार सब कुछ अर्पण कर दिया। ऐसे ही महापुरुषों में से एक थे महात्मा गांधी। महात्मा गांधी युग पुरुष थे जिनके प्रति पूरा विश्व आदर की भावना रखता था। इस महापुरुष का जन्म 2 अक्टूबर सन् 1869 को गुजरात में पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था। उनका पूरा नाम मोहनदास था। आपके पिता कर्मचंद गांधी राजकोट के दीवान थे। माता पुतलीबाई धार्मिक स्वभाव वाली अत्यंत सरल महिला थी। मोहनदास के व्यक्तित्व पर माता के चरित्र की छाप स्पष्ट दिखाई दी।

Speech 2: 2 अक्टूबर सन् 1869 को गुजरात के पोरबंदर में युगपुरुष मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर में पूर्ण करने के पश्चात राजकोट से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण कर आप वकालत करने इंग्लैंड चले गए। वकालत करके लौटने पर वकालत प्रारंभ की। एक मुकदमे के दौरान उन्हें दक्षिण अफ्रीका जाना पड़ा। वहां भारतीयों की दुर्दशा देख बड़े दुखी हुए। इसके बाद ही उनमें राष्ट्रीय भावना जागी और वे भारतवासियों की सेवा में जुट गए। अंग्रेजों की कुटिल नीति तथा अमानवीय व्यवहार के विरुद्ध गांधीजी ने सत्याग्रह आंदोलन आरंभ किए। असहयोग आंदोलन एवं सविनय अवज्ञा आंदोलन का नेतृत्व किया।

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गांधी जी के अनमोल विचारः

  1. मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है। सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन।
  2. प्रार्थना मांगना नहीं है। यह आत्मा की लालसा है। यह हर रोज अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है। प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन न लगाने से बेहतर है।
  3. निर्मल अन्तःकरण को जो प्रतीत हो, वही सत्य है।
  4. चलिए सुबह का पहला काम ये करें कि इस दिन के लिए संकल्प करें कि मैं दुनिया में किसी से नहीं डरूंगा। नहीं, मैं केवल भगवान से डरूं। मैं किसी के प्रति बुरा भाव न रखूं। मैं किसी के अन्याय के समक्ष झुकूं नहीं। मैं असत्य को सत्य से जीतूं और असत्य का विरोध करते हुए मैं सभी कष्टों को सह सकूं।
  5. भूल करने में पाप तो है ही, परंतु उसे छुपाने में उससे भी बड़ा पाप है।
  6. भविष्य में क्या होगा, मैं यह नहीं सोचना चाहता। मुझे वर्तमान की चिंता है। ईश्वर ने मुझे आने वाले क्षणों पर कोई नियंत्रण नहीं दिया है।
  7. मैं हिन्दी के जरिए प्रांतीय भाषाओं को दबाना नहीं चाहता, किंतु उनके साथ हिन्दी को भी मिला देना चाहता हूं।
  8. अपनी गलती को स्वीकारना झाडू लगाने के समान है, जो धरातल की सतह को चमकदार और साफ कर देती है।
  9. केवल प्रसन्नता ही एकमात्र इत्र है जिसे आप दूसरों पर छिड़कें तो उसकी कुछ बूंदें अवश्य ही आप पर भी पड़ती हैं।
  10. जो समय बचाते हैं, वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाए हुए धन के बराबर है।
  11. व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है।
  12. काम की अधिकता नहीं, अनियमितता आदमी को मार डालती है।
  13. गुलाब को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं होती है। वह तो केवल अपनी खुशी बिखेरता है। उसकी खुशबू ही उसका संदेश है।
  14. हम जिसकी पूजा करते हैं, उसी के समान हो जाते हैं।
  15. श्रद्धा का अर्थ है आत्मविश्वास और आत्मविश्वास का अर्थ है ईश्वर में विश्वास।

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