जानिए कौन हैं राजा महेंद्र प्रताप सिंह जिनके नाम पर अलीगढ़ में राज्य विश्वविद्यालय की आधारशिला रखेंगे मोदी? | ख़बर खर्ची

जानिए कौन हैं राजा महेंद्र प्रताप सिंह जिनके नाम पर अलीगढ़ में राज्य विश्वविद्यालय की आधारशिला रखेंगे मोदी?

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नयी दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अलीगढ़ जिला मुख्‍यालय से 30 किलोमीटर दूर लोधा में राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्‍य विश्‍वविद्यालय की आधारशिला रखेंगे। साथ ही वह उत्तर प्रदेश रक्षा गलियारा (डिफेंस कॉरिडोर) के अलीगढ़ क्षेत्र का दौरा भी करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी।

पीएमओ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 14 सितंबर को दोपहर 12 बजे राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय की आधारशिला रखेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जनता को संबोधित भी करेंगे।’’ बाद में प्रधानमंत्री विश्वविद्यालय परिसर क्षेत्र का दौरा भी करेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे।

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मालूम हो कि योगी आदित्‍यनाथ ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर अलीगढ़ में नया राज्‍य विश्‍वविद्यालय स्‍थापित करने का लोकसभा चुनाव के दौरान वादा किया था। जानकारों का कहना है कि अलीगढ़ विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना के लिए राजा महेंद्र सिंह ने अपनी जमीन दान की थी।

पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश रक्षा गलियारा (डिफेंस कारिडोर) के तहत अलीगढ़ क्षेत्र का दौरा भी करेंगे। उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे में अलीगढ़ सहित छह शहर शामिल हैं। उत्तर प्रदेश की यह महत्वाकांक्षी परियोजना भारतीय एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र की विदेशी निर्भरता को कम करने का इरादा रखती है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को विभिन्न अन्य राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर इस परियोजना को निष्पादित करने के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया था। 

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जानिए कौन हैं राजा महेंद्र प्रताप सिंह?

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राजा महेंद्र प्रताप सिंह भारतीय इतिहास में एक बड़ा स्थान रखने वाले स्वतंत्रता सेनानी थे। वे एक साथ पत्रकार, लेखक और क्रांतिकारी थे। उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उनके सम्मान में एक डाक टिकट तक जारी किया था। वे प्रथम विश्व युद्ध के दौरान अस्थाई भारतीय सरकार के राष्ट्रपति थे जो उस समय निर्वासित भारतीय सरकार थी। आजाद भारत में वे एक समाज सुधारक के रूप में जाने गए। आजादी से पहले ही भारत की अंतरिम सरकार का गठन कर दिया गया था। यह काम जाटों में शौर्य के प्रतीक राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने अफगानिस्तान में कर आजादी के दीवानों का हौसला बढ़ाया था। उन्होंने करीब ढाई साल वहां से अंतरिम सरकार चला अंग्रेजों को चुनौती दी।

उत्तर प्रदेश के हाथरस में दिसंबर 1986 में घनश्याम सिंह नाम के जाट के घर तीसरे बेटे के रूप में महेंद्र प्रताप सिंह का जन्म हुआ था। हाथरस के राजा हरनारायण सिंह के पुत्र नहीं थे लिहाजा उन्होंने महेंद्र प्रताप को गोद ले लिया। उस वक्त महेंद्र प्रताप ने बीए तक पढ़ाई की थी। हालांकि बीए की फाइनल परीक्षा नहीं दे सके थे। वो 16 बरस के थे और कॉलेज चल ही रहा था, तभी जिंद रियासत की बलवीर कौर से उनका विवाह हो गया।

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