चीन से निपटने के लिए भारतीय सेना ने जमीन के नीचे रचा चक्रव्यूह | ख़बर खर्ची

चीन से निपटने के लिए भारतीय सेना ने जमीन के नीचे रचा चक्रव्यूह

India China,  India-China Standoff,  India China Tunnel Defense,  India built tunnels, भारत चीन, भारत चीन टनल डिफेंस,  China s incursion will fail,  East Ladakh deadlock,  India China, भारत ने बनाई सुरंगें,

भारत ने चीनी घुसपैठ से बचने के लिए कमर कस ली है। भारत-चीन की लगातर बैठकों के बाजवूद प्रोपेगेंडा फैलाने में माहिर ड्रैगन को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए भारत ने लद्दाख में ‘टनल डिफेंस’ तैनात कर दिया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सेना ने जापान के खिलाफ दूसरी जंग में इसी तरकीब का इस्तेमाल किया था। चीन के किसी भी संभावित घुसपैठ से बचने के लिए भारतीय सेना ने भी सुरंगें बनाई हैं।

रिपोर्ट में के मुताबिक PLA ने ल्हासा एयरबेस पर एयरक्राफ्ट तैनात करने के लिए टनल का निर्माण किया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि PLA ने ल्हासा एयरबेस पर एयरक्राफ्ट तैनात करने के लिए टनल बनाए हैं और दक्षिण चीन सागर में न्यूक्लियर बैलिस्टिक सबमरीनों को रखने के लिए हैनान टापू पर अंडरग्राउंड तैयारी की गई है। सीनियर मिलिट्री कमांडरों के मुताबिक भारतीय सेना ने बड़े डायमीटर के Hume कंक्रीट पाइप टनल में लगाए हैं ताकि सैनिकों को दुश्मन के हमले से बचाया जा सके और मुसीबत की स्थिति में हमला भी किया जा सके।

Advertisement

वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के अनुसार, भारतीय सेना ने दुश्मन के हमलों से जवानों को बचाने के लिए सुरंगों के जरिए से शेल्टर्स तक बड़े व्यास वाले कंक्रीट पाइपों को बिछाया है, जिससे हमलों के दौरान दुश्मन देश आश्चर्यचकित हो जाएगा। रिइंफोर्स्ड कंक्रीट पाइप का व्यास (डायमीटर) छह से आठ फीट तक होता है। इसके जरिए से जवान एक जगह से दूसरी जगह पर बिना दुश्मन सैनिक की जद में आए जा सकते हैं।

सुरंगों का दूसरा फायदा यह भी होता है कि इन्हें बेहद की ठंडे तापमान के बावजूद भी अंदर से गर्म किया जा सकता है और जवानों के लिए शेल्टर्स का काम कर सकते हैं। और दक्षिण चीन सागर में न्यूक्लियर बैलिस्टिक सबमरीनों को रखने के लिए हैनान टापू पर अंडरग्राउंड तैयारी की गई है। सीनियर मिलिट्री कमांडरों के मुताबिक भारतीय सेना ने बड़े डायमीटर के Hume कंक्रीट पाइप टनल में लगाए हैं ताकि सैनिकों को दुश्मन के हमले से बचाया जा सके और मुसीबत की स्थिति में हमला भी किया जा सके।

Advertisement

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

x