क्या सूर्य की किरणों से मरता है कोरोना वायरस, WHO ने क्या कहा? | ख़बर खर्ची

क्या सूर्य की किरणों से मरता है कोरोना वायरस, WHO ने क्या कहा?

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अल्ट्रा-वायलेट किरणों में इतनी ज्यादा तपन होती है कि ये शरीर की कोशिकाओं को नष्ट करने लगती है।

पूरी दुनिया जहां करोनो के प्रकोप से बचने के तमाम उपाय कर रही है। वहीं सोशल मीडिया पर इसके बचाव को लेकर कई दावे भी किए जा रहे हैं। दुनिया के तमाम वैज्ञानिक जहां कोविड-19 की वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं वहीं सोशल मीडिया पर सूर्य के प्रकाश से इस वायरस के खत्म होने के दावे किए जा रहे हैं। दावे किए जा रहे हैं कि सूर्य के प्रकाश में मौजूद अल्‍ट्रा-वायलेट किरणें हाथों को डिसइंफेक्‍ट कर सकती है। यानी उस वायरस के प्रभाव को रोक सकती है। इस तरह के पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने कई तरह के नुस्खें अपनाएं हैं, लेकिन क्या ये वाकई फायदेमंद है? क्या इससे कोरोना वायरस मर जाते हैं। इसी को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक पोस्‍ट के जर‍िए लोगों को ये बात समझाई है।

WHO ने दावे पर क्या कहा?

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सूर्य के प्रकाश में मौजूद अल्‍ट्रा- वायलेट या UV किरणें, जिन्‍हें पराबैंगनी किरणें भी कहा जाता है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन द्वारा किए गए पोस्ट के मुताबिक अल्ट्रा-वायलेट किरणों में इतनी ज्यादा तपन होती है कि ये शरीर की कोशिकाओं को नष्ट करने लगती है। ये किरणें मनुष्य की आंखों को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावे पर स्पष्ट तौर पर कहा कि हाथों को डिसइंफेक्ट करने के लिए किसी भी स्थिति में अल्टा-वायलेट लाइट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

कोरोना वायरस से बचाव के लिए इन तरीकों पर ध्यान दें

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  • कोरोना वायरस के खिलाफ अभी तक किसी भी तरह के ना तो वैक्सीन बने हैं ना ही कोई दवा इसके लिए मौजूद हैं। हालांकि कुछ सावधानियों और घरेलू उपायों के जरिए आप इससे बच सकते हैं। कैसे? बताते हैं-
  • कोरोना वायरस (COVID-19) को रोकने के लिए, फ़िलहाल किसी तरह का टीका नहीं है लिहाजा
  • नियमित रूप से साबुन और पानी से या अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइज़र से 20 सेकंड तक हाथ धोएं।
  • खांसने और छींकने के दौरान डिस्पोज़ेबल टिशू से या कोहनी को मोड़कर, अपनी नाक और मुंह को ढकें। जो लोग बीमार हैं उनसे (एक मीटर या तीन फ़ीट की) दूरी बनाए रखें
  • घर पर ही रहें और अगर आप बीमार हैं, तो खुद को परिवार के सभी लोगों से अलग कर लें
  • कोरोना वायरस से बचाव का सबसे सटीक और आसान तरीका है खुद को और अपने आस-पास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखना।
  • किसी भी सामान को छूने के बाद हाथों को साबुन और पानी से 20 सेकेंड तक धोना या सैनेटाइजर का इस्तेमाल करना।
  • घर के बाहर निकलते वक्त मास्क और दस्तानों को इस्तेमाल करना।
  • अपने परिवार और दोस्तों से सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना। – बाजार से फल, सब्जियां और अन्य सामान खरीदने के बाद उन्हें अच्छे से क्लीन करें।

क्या नहीं करना है

  • अगर आपके हाथ साफ़ नहीं हैं, तो अपनी आंख, नाक या मुंह को न छुएं।
  • ऑफ़िस, स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर न इकट्ठा ना हों। ना ही बस, ट्रेन, ऑटो या टैक्सी से यात्रा न करें।
  • घर में मेहमान न बुलाएं ना ही घर का सामान किसी और से मंगाएं। अगर आप और भी लोगों के साथ रह रहे हैं तो ज़्यादा सतर्कता बरतें।

बचाव के उपाय

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  • कोरोना वायरस से बचाव का सबसे सटीक और आसान तरीका है खुद को और अपने आस-पास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखना।
  • किसी भी सामान को छूने के बाद हाथों को साबुन और पानी से 20 सेकेंड तक धोना या सैनेटाइजर का इस्तेमाल करना।
  • घर के बाहर निकलते वक्त मास्क और दस्तानों को इस्तेमाल करना।
  • अपने परिवार और दोस्तों से सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना। – बाजार से फल, सब्जियां और अन्य सामान खरीदने के बाद उन्हें अच्छे से क्लीन करें।

कोरोना वायरस के क्या हैं लक्षण?

  • कोरोनावायरस (कोवाइड-19) में पहले बुख़ार होता है। कभी तेज बुखार हो जाता है।
  • कोरोना के मरीज को सूखी खांसी होती है और धीरे धीरे सांस की भी समस्या होने लगती है।
  • कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में निमोनिया, सांस लेने में बहुत ज़्यादा परेशानी, किडनी फ़ेल होना और यहां तक कि मौत भी हो सकती है।
  • ये वायरस उम्रदराज़ लोग और जिन लोगों को पहले से ही कोई बीमारी है (जैसे अस्थमा, मधुमेह, दिल की बीमारी) उनको ज्यादा चपेट में लेता है।

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